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Sudarshana Chakra
Adhyay 1, Shlok 7
अस्माकं तु विशिष्टा ये तान्निबोध द्विजोत्तम। नायका मम सैन्यस्य संज्ञार्थं तान्ब्रवीमि ते

हे द्विजोत्तम! हमारे पक्ष में भी जो मुख्य हैं, उनपर भी आप ध्यान दीजिये। आपको याद दिलाने के लिये मेरी सेना के जो नायक हैं, उनको मैं कहता हूँ। — VaniSagar

Global Translations

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KannadaIND

ತಿಳಿಯಿರಿ, ಓ ಎರಡು ಬಾರಿ ಜನಿಸಿದವರಲ್ಲಿ ಉತ್ತಮ! ನಮ್ಮಲ್ಲಿಯೇ ಹೆಚ್ಚು ಗುರುತಿಸಲ್ಪಟ್ಟವರ ಹೆಸರುಗಳು, ನನ್ನ ಸೈನ್ಯದ ನಾಯಕರು; ನಿಮ್ಮ ಮಾಹಿತಿಗಾಗಿ ನಾನು ಇವುಗಳನ್ನು ಹೆಸರಿಸುತ್ತೇನೆ.

TeluguIND

కూడా తెలుసుకో, ఓ రెండుసార్లు జన్మించిన వారిలో శ్రేష్ఠుడు! మనలో అత్యంత విశిష్టమైన వారి పేర్లు, నా సైన్యం నాయకులు; మీ సమాచారం కోసం నేను వీటికి పేరు పెట్టాను.

TamilIND

இருமுறை பிறந்தவர்களில் சிறந்தவனே! எங்களில் மிகவும் சிறப்பு வாய்ந்தவர்களின் பெயர்கள், என் படையின் தலைவர்கள்; உங்கள் தகவலுக்காக இவற்றை நான் உங்களுக்கு பெயரிடுகிறேன்.

MarathiIND

हे देखील जाणून घ्या, हे दोनदा जन्मलेल्यांमध्ये श्रेष्ठ! आपल्यापैकी सर्वात प्रतिष्ठित असलेल्यांची नावे, माझ्या सैन्याचे नेते; तुमच्या माहितीसाठी मी त्यांची नावे देतो.

BengaliIND

আরও জেনে রাখ, হে দু’জন্মের মধ্যে শ্রেষ্ঠ! আমাদের মধ্যে যারা সবচেয়ে বিশিষ্ট, আমার সেনাবাহিনীর নেতাদের নাম; এই আমি আপনার তথ্যের জন্য আপনার নাম.

MalayalamIND

രണ്ടുതവണ ജനിച്ചവരിൽ ഏറ്റവും നല്ലവരേ, അറിയുക. ഞങ്ങളുടെ ഇടയിൽ ഏറ്റവും വിശേഷപ്പെട്ടവരുടെ പേരുകൾ, എൻ്റെ സൈന്യത്തിൻ്റെ നേതാക്കൾ; നിങ്ങളുടെ അറിവിലേക്കായി ഞാൻ ഇവയ്ക്ക് പേരിടുന്നു.

PunjabiIND

ਇਹ ਵੀ ਜਾਣੋ, ਹੇ ਦੋ ਵਾਰੀ ਜੰਮਣ ਵਾਲਿਆਂ ਵਿੱਚੋਂ ਸ੍ਰੇਸ਼ਟ! ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਨਾਮ ਜੋ ਸਾਡੇ ਵਿੱਚੋਂ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਵਿਲੱਖਣ ਹਨ, ਮੇਰੀ ਫੌਜ ਦੇ ਆਗੂ; ਇਹ ਮੈਂ ਤੁਹਾਡੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਦੱਸਦਾ ਹਾਂ।

NepaliIND

यो पनि जान्नुहोस्, हे दुई पटक जन्मेका मध्ये श्रेष्ठ! हामी मध्ये सबैभन्दा प्रतिष्ठित व्यक्तिहरूको नाम, मेरो सेनाका नेताहरू; यी म तपाईको जानकारीको लागि नाम दिन्छु।

GujaratiIND

એ પણ જાણો, હે બે વાર જન્મેલામાં શ્રેષ્ઠ! જેઓ આપણામાં સૌથી વધુ પ્રતિષ્ઠિત છે તેમના નામો, મારી સેનાના નેતાઓ; આ હું તમને તમારી માહિતી માટે નામ આપું છું.

SindhiIND

پڻ ڄاڻو، اي ٻنھي ڄاولن مان بھترين! انهن جا نالا جيڪي پاڻ ۾ سڀ کان وڌيڪ ممتاز آهن، منهنجي فوج جا اڳواڻ؛ اهي نالا توهان جي ڄاڻ لاءِ پيش ڪيان ٿو.

ManipuriIND

ꯃꯁꯤꯁꯨ ꯈꯉꯕꯤꯌꯨ, ꯍꯦ ꯑꯅꯤꯔꯛ ꯄꯣꯀꯄꯥ ꯃꯤꯑꯣꯏꯁꯤꯡꯒꯤ ꯃꯔꯛꯇꯥ ꯈ꯭ꯕꯥꯏꯗꯒꯤ ꯐꯕꯥ! ꯑꯩꯈꯣꯌꯒꯤ ꯃꯔꯛꯇꯥ ꯈ꯭ꯕꯥꯏꯗꯒꯤ ꯃꯁꯛ ꯊꯣꯀꯄꯥ, ꯑꯩꯒꯤ ꯂꯥꯟꯃꯤꯒꯤ ꯂꯨꯆꯤꯡꯕꯁꯤꯡꯒꯤ ꯃꯃꯤꯡ; ꯍꯥꯌꯔꯤꯕꯁꯤꯡ ꯑꯁꯤ ꯑꯩꯅꯥ ꯅꯈꯣꯌꯗꯥ ꯅꯈꯣꯌꯒꯤ ꯏꯅꯐꯣꯔꯃꯦꯁꯅꯒꯤꯗꯃꯛ ꯃꯃꯤꯡ ꯊꯣꯅꯖꯔꯤ꯫

KonkaniIND

तशेंच जाणून घे, हे द्विगुणितांतल्या श्रेश्ठ! आमच्या मधें चड वेगळेपण आशिल्ल्यांचीं नांवां, म्हज्या सैन्याच्या फुडाऱ्यांचीं नांवां; हीं हांव तुमच्या म्हायती खातीर तुमकां नांव दितां.

Sacred Commentaries

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Scripture Scholar

Swami Ramsukhdas

व्याख्या-- 'अस्माकं तु विशिष्टा ये तान्निबोध द्विजोत्तम'-- दुर्योधन द्रोणाचार्यसे कहता है कि हे द्विजश्रेष्ठ! जैसे पाण्डवोंकी सेनामें श्रेष्ठ महारथी हैं, ऐसे ही हमारी सेनामें भी उनसे कम विशेषतावाले महारथी नहीं हैं प्रत्युत उनकी सेनाके महारथियोंकी अपेक्षा ज्यादा ही विशेषता रखनेवाले हैं। उनको भी आप समझ लीजिये। तीसरे श्लोकमें 'पश्य' और यहाँ 'निबोध' क्रिया देनेका तात्पर्य है कि पाण्डवोंकी सेना तो सामने खड़ी है, इसलिये उसको देखनेके लिये दुर्योधन 'पश्य' (देखिये) क्रियाका प्रयोग करता है। परन्तु अपनी सेना सामने नहीं है अर्थात् अपनी सेनाकी तरफ द्रोणाचार्यकी पीठ है, इसलिये उसको देखनेकी बात न कहकर उसपर ध्यान देनेके लिये दुर्योधन 'निबोध' (ध्यान दीजिये) क्रियाका प्रयोग करता है। 'नायका मम सैन्यस्य संज्ञार्थं तान्ब्रवीमि ते'-- मेरी सेनामें भी जो विशिष्टविशिष्ट सेनापति हैं सेनानायक हैं महारथी हैं, मैं उनके नाम केवल आपको याद दिलानेके लिये, आपकी दृष्टि उधर खींचनेके लिये ही कह रहा हूँ। संज्ञार्थम् पदका तात्पर्य है कि हमारे बहुत-से सेनानायक हैं उनके नाम मैं कहाँतक कहूँ; इसलिये मैं उनका केवल संकेतमात्र करता हूँ; क्योंकि आप तो सबको जानते ही हैं। इस श्लोकमें दुर्योधनका ऐसा भाव प्रतीत होता है कि हमारा पक्ष किसी भी तरह कमजोर नहीं है। परन्तु राजनीतिके अनुसार शत्रुपक्ष चाहे कितना ही कमजोर हो और अपना पक्ष चाहे कितना ही सबल हो, ऐसी अवस्थामें भी शत्रुपक्षको कमजोर नहीं समझना चाहिये और अपनेमें उपेक्षा, उदासीनता आदिकी भावना किञ्चिन्मात्र भी नहीं आने देनी चाहिये। इसलिये सावधानीके लिये मैंने उनकी सेनाकी बात कही और अब अपनी सेनाकी बात कहता हूँ। दूसरा भाव यह है कि पाण्डवोंकी सेनाको देखकर दुर्योधनपर बड़ा प्रभाव पड़ा और उसके मनमें कुछ भय भी हुआ। कारण कि संख्यामें कम होते हुए भी पाण्डव-सेनाके पक्षमें बहुत-से धर्मात्मा पुरुष थे और स्वयं भगवान् थे। जिस पक्षमें धर्म और भगवान् रहते हैं, उसका सबपर बड़ा प्रभाव पड़ता है। पापी-से-पापी, दुष्ट-से-दुष्ट व्यक्तिपर भी उसका प्रभाव पड़ता है। इतना ही नहीं, पशु-पक्षी वृक्ष-लता आदिपर भी उसका प्रभाव पड़ता है। कारण कि धर्म और भगवान् नित्य हैं। कितनी ही ऊँची-से-ऊँची भौतिक शक्तियाँ क्यों न हों, हैं वे सभी अनित्य ही। इसलिये दुर्योधनपर पाण्डव-सेनाका बड़ा असर पड़ा। परन्तु उसके भीतर भौतिक बलका विश्वास मुख्य होनेसे वह द्रोणाचार्यको विश्वास दिलानेके लिये कहता है कि हमारे पक्षमें जितनी विशेषता है, उतनी पाण्डवोंकी सेनामें नहीं है। अतः हम उनपर सहज ही विजय कर सकते हैं।

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Sri Harikrishnadas Goenka

Sri Sankaracharya did not comment on this sloka.

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Sri Anandgiri

यद्येवं परकीयं बलमतिप्रभूतं प्रतीत्यातिभीतवदभिदधासि हन्त संधिरेव परैरिष्यतामलं विग्रहाग्रहेणेत्याचार्याभिप्रायमाशङ्क्य ब्रवीति अस्माकमिति। तुशब्देनान्तरुत्पन्नमपि स्वकीयं भयं तिरोदधानो धृष्टतामात्मनो द्योतयति। ये खल्वस्मत्पक्षे व्यवस्थिताः सर्वेभ्यः समुत्कर्षजुषस्तान्मयोच्यमानान्निबोध। निश्चयेन मद्वचनादवधारयेत्यर्थः। यद्यपि त्वमेव त्रैवर्णिकेषु त्रैविद्यवृद्धेषु प्रधानत्वात्प्रतिपत्तुं प्रभवसि तथापि मदीयसैन्यस्य ये मुख्यास्तानहं ते तुभ्यं संज्ञार्थमसंख्येषु तेषु मध्ये कतिचिन्नामभिर्गृहीत्वा परिशिष्टानुपलक्षयितुं विज्ञापनं करोमि न त्वज्ञातं किञ्चित्तव ज्ञापयामीति मत्वाह द्विजोत्तमेति ।

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Sri Dhanpati

ननु ते बहवो महारथा मयैकेनातिरथेनापि कथं निवार्या इत्याशङ्क्यान्येऽपि तव सहकारिणोऽस्मत्सैन्ये महाशूराः सन्तीत्याह अस्माकमिति। यद्येवं परकीयबलमतिप्रभूतं प्रतीत्य भीतोऽसि तर्हि संधिरेव तैरिष्यतामलं विग्रहाग्रहेणेत्याशङ्क्याह अस्माकमित्येके। अस्माकं सर्वेषां मध्ये विशिष्टा उत्कृष्टा मम सैन्यस्य च मुख्यास्तान्निबोध जानीहि। असंख्येषु मध्ये कतिचिन्नामभिरुक्त्वावशिष्टानुपलक्षयितुं ते तुभ्यं ब्रवीमि विज्ञापनं करोमि नतु किंचिदज्ञातं ज्ञापयामि अत्युत्तमत्वात्तवेत्याशयेनाह द्विजोत्तमेति। द्विजोत्तमेति ब्राह्मणत्वाद्युद्धाकुशलस्त्वं तेन त्वयि विमुखेऽपि भीष्मप्रमुखाणां क्षत्रियप्रवराणां सत्त्वान्नास्माकं महती क्षतिरिति दुर्योधनदौष्ट्यमिति केचित्।

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Word-by-Word Lexicon

Original WordContextual Meaning
asmākamours
tubut
viśhiṣhṭāḥspecial
yewho
tānthem
nibodhabe informed
dwijauttama
nāyakāḥprincipal generals
mamaour
sainyasyaof army
sanjñāartham
tānthem
bravīmiI recount
teunto you
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Related Shloks

Bhagavad Gita · 1.6
युधामन्युश्च विक्रान्त उत्तमौजाश्च वीर्यवान्। सौभद्रो द्रौपदेयाश्च सर्व एव महारथाः

यहाँ (पाण्डवों की सेना में) बड़े-बड़े शूरवीर हैं, जिनके बहुत बड़े-बड़े धनुष हैं तथा जो युद्ध में भीम और अर्जुनके समान हैं। उनमें युयुधान (सात्यकि), राजा विराट और महारथी द्रुपद भी हैं। धृष्टकेतु और चेकितान तथा पराक्रमी काशिराज भी हैं। पुरुजित् और कुन्तिभोज--ये दोनों भाई तथा मनुष्योंमें श्रेष्ठ शैब्य भी हैं। पराक्रमी युधामन्यु और पराक्रमी उत्तमौजा भी हैं। सुभद्रापुत्र अभिमन्यु और द्रौपदी के पाँचों पुत्र भी हैं। ये सब-के-सब महारथी हैं। — VaniSagar

Bhagavad Gita · 1.8
भवान्भीष्मश्च कर्णश्च कृपश्च समितिञ्जयः। अश्वत्थामा विकर्णश्च सौमदत्तिस्तथैव च

आप (द्रोणाचार्य) और पितामह भीष्म तथा कर्ण और संग्रामविजयी कृपाचार्य तथा वैसे ही अश्वत्थामा, विकर्ण और सोमदत्त का पुत्र भूरिश्रवा। — VaniSagar

Bhagavad GitaAdhyay 1Shlok 7
Bhagavad Gita · Adhyay 1, Shlok 7
अस्माकं तु विशिष्टा ये तान्निबोध द्विजोत्तम। नायका मम सैन्यस्य संज्ञार्थं तान्ब्रवीमि ते

हे द्विजोत्तम! हमारे पक्ष में भी जो मुख्य हैं, उनपर भी आप ध्यान दीजिये। आपको याद दिलाने के लिये मेरी सेना के जो नायक हैं, उनको मैं कहता हूँ। — VaniSagar

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Frequently Asked Questions

Bhagavad Gita अध्याय 1 श्लोक 7 का हिंदी अर्थ क्या है?

Bhagavad Gita अध्याय 1 श्लोक 7 का हिंदी अर्थ: "हे द्विजोत्तम! हमारे पक्ष में भी जो मुख्य हैं, उनपर भी आप ध्यान दीजिये। आपको याद दिलाने के लिये मेरी सेना के जो नायक हैं, उनको मैं कहता हूँ। — VaniSagar" यह पावन श्लोक Bhagavad Gita के Arjuna Vishada Yoga से लिया गया है। जो लोग गीता का दैनिक श्लोक, कर्म योग, और जीवन की कठिनाइयों में मार्गदर्शन खोज रहे हैं, उनके लिए यह श्लोक जीवन के गहरे सत्यों के बारे में शिक्षित करता है। VaniSagar पर इसकी विस्तृत व्याख्या, शब्द-अर्थ और आज का श्लोक (Shloka of the day) उपलब्ध हैं।

What is the meaning and translation of Bhagavad Gita Chapter 1 Verse 7?

Bhagavad Gita Chapter 1 Verse 7 translates to: "Know also, O best among the twice-born! the names of those who are the most distinguished amongst ourselves, the leaders of my army; these I name to you for your information. — VaniSagar" This verse is highly regarded for those seeking a daily Gita shloka, guidance on karma, depression, success, or daily motivation. In the hinduism tradition, such verses authored by Sacred Wisdom provide essential guidance. Explore the complete word-by-word analysis, translations, and the shloka of the day and motivational Gita quotes for students and life at VaniSagar.

"अस्माकं तु विशिष्टा ये तान्निबोध द्विजोत्तम। नायका मम सैन्यस्य संज्ञार्थं तान्ब्" — इस श्लोक का अर्थ और महत्व क्या है?

यह श्लोक Bhagavad Gita अध्याय 1, श्लोक 7 है जो Bhagavad Gita के Arjuna Vishada Yoga में संकलित है। हे द्विजोत्तम! हमारे पक्ष में भी जो मुख्य हैं, उनपर भी आप ध्यान दीजिये। आपको याद दिलाने के लिये मेरी सेना के जो नायक हैं, उनको मैं कहता हूँ। — VaniSagar Sacred Wisdom द्वारा रचित यह श्लोक hinduism दर्शन का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और इसे अक्सर 'morning mantra' या शांति के लिए जपा जाता है। पूर्ण अर्थ और व्याकरण-विश्लेषण VaniSagar पर देखें।

What does the mantra "asmākaṁ tu viśhiṣhṭā ye tānnibodha dwijottama" mean in English?

"asmākaṁ tu viśhiṣhṭā ye tānnibodha dwijottama" is the opening of Bhagavad Gita Chapter 1 Verse 7. Know also, O best among the twice-born! the names of those who are the most distinguished amongst ourselves, the leaders of my army; these I name to you for your information. — VaniSagar As a core part of the Bhagavad Gita, this verse reflects the wisdom of Sacred Wisdom and the rich hinduism heritage. Perfect for meditation, chanting, or your daily spiritual routine. For a full breakdown of each word and its philosophical context, visit VaniSagar.