Bhagavad Gita in Odia
ଭଗବଦ୍ ଗୀତା — ଓଡ଼ିଆ ଅର୍ଥ
Read all 700 shlokas of the Bhagavad Gita in Odia — spoken by 37 million speakers across Odisha and the Indian diaspora worldwide. Each verse shows the original Sanskrit, transliteration, Hindi meaning, and English translation.
All 18 Chapters — Odia (ଓଡ଼ିଆ)
Featured Verses in Odia
A curated selection of Bhagavad Gita shlokas — each with Sanskrit original and meaning
धृतराष्ट्र उवाच धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः। मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय...
हे संजय! धर्मभूमि कुरुक्षेत्र में युद्ध की इच्छा से इकट्ठे हुए मेरेे और पाण्डु के पुत्रों ने भी क्या किया?...
ଅଧ୍ୟାୟ 1 · ଶ୍ଳୋକ 1 · ଓଡ଼ିଆसञ्जय उवाच तं तथा कृपयाऽविष्टमश्रुपूर्णाकुलेक्षणम्। विषीदन्तमिदं वाक्यमुवाच मधुसूदनः...
वैसी कायरता से आविष्ट उन अर्जुन के प्रति, जो कि विषाद कर रहे हैं और आँसुओं के कारण जिनके नेत्रों की देखने की शक्ति अवरुद...
ଅଧ୍ୟାୟ 2 · ଶ୍ଳୋକ 1 · ଓଡ଼ିଆअर्जुन उवाच ज्यायसी चेत्कर्मणस्ते मता बुद्धिर्जनार्दन। तत्किं कर्मणि घोरे मां नियोजयसि केशव...
अर्जुन बोले -- हे जनार्दन! अगर आप कर्मसे बुद्धि- (ज्ञान-) को श्रेष्ठ मानते हैं, तो फिर हे केशव ! मुझे घोर कर्ममें क्यों ...
ଅଧ୍ୟାୟ 3 · ଶ୍ଳୋକ 1 · ଓଡ଼ିଆश्री भगवानुवाच इमं विवस्वते योगं प्रोक्तवानहमव्ययम्। विवस्वान् मनवे प्राह मनुरिक्ष्वाकवेऽब्रवीत्...
श्रीभगवान् बोले - मैंने इस अविनाशी योगको सूर्यसे कहा था। फिर सूर्यने (अपने पुत्र) वैवस्वत मनुसे कहा और मनुने (अपने पुत्र...
ଅଧ୍ୟାୟ 4 · ଶ୍ଳୋକ 1 · ଓଡ଼ିଆअर्जुन उवाच संन्यासं कर्मणां कृष्ण पुनर्योगं च शंससि। यच्छ्रेय एतयोरेकं तन्मे ब्रूहि सुनिश्िचतम्...
हे कृष्ण ! आप कर्मोंका स्वरूपसे त्याग करनेकी और फिर कर्मयोगकी प्रशंसा करते हैं। अतः इन दोनों साधनोंमें जो एक निश्चितरूपस...
ଅଧ୍ୟାୟ 5 · ଶ୍ଳୋକ 1 · ଓଡ଼ିଆश्री भगवानुवाच अनाश्रितः कर्मफलं कार्यं कर्म करोति यः। स संन्यासी च योगी च न निरग्निर्न चाक्रियः...
श्रीभगवान् बोले -- कर्मफलका आश्रय न लेकर जो कर्तव्यकर्म करता है, वही संन्यासी तथा योगी है; और केवल अग्निका त्याग करनेवाल...
ଅଧ୍ୟାୟ 6 · ଶ୍ଳୋକ 1 · ଓଡ଼ିଆश्री भगवानुवाच मय्यासक्तमनाः पार्थ योगं युञ्जन्मदाश्रयः। असंशयं समग्रं मां यथा ज्ञास्यसि तच्छृणु...
श्रीभगवान् बोले -- हे पृथानन्दन ! मुझमें आसक्त मनवाला, मेरे आश्रित होकर योगका अभ्यास करता हुआ तू मेरे समग्ररूपको निःसन्द...
ଅଧ୍ୟାୟ 7 · ଶ୍ଳୋକ 1 · ଓଡ଼ିଆअर्जुन उवाच किं तद्ब्रह्म किमध्यात्मं किं कर्म पुरुषोत्तम। अधिभूतं च किं प्रोक्तमधिदैवं किमुच्यते...
अर्जुन बोले -- हे पुरुषोत्तम ! वह ब्रह्म क्या है? अध्यात्म क्या है? कर्म क्या है? अधिभूत किसको कहा गया है? और अधिदैव किस...
ଅଧ୍ୟାୟ 8 · ଶ୍ଳୋକ 1 · ଓଡ଼ିଆश्री भगवानुवाच इदं तु ते गुह्यतमं प्रवक्ष्याम्यनसूयवे। ज्ञानं विज्ञानसहितं यज्ज्ञात्वा मोक्ष्यसेऽशुभात्...
श्रीभगवान् बोले -- यह अत्यन्त गोपनीय विज्ञानसहित ज्ञान दोषदृष्टिरहित तेरे लिये तो मैं फिर अच्छी तरहसे कहूँगा, जिसको जानक...
ଅଧ୍ୟାୟ 9 · ଶ୍ଳୋକ 1 · ଓଡ଼ିଆFrequently Asked Questions
Where can I read the Bhagavad Gita in Odia (ଓଡ଼ିଆ)?
You can read the complete Bhagavad Gita in Odia on VaniSagar — vanisagar.in/gita/in/in-odia/. All 700 shlokas (verses) are available across 18 chapters, with Sanskrit original, Odia context, Hindi meaning, and English translation. VaniSagar serves over 133 languages, making the Gita accessible to 37 million Odia speakers worldwide.
What is the Bhagavad Gita called in Odia?
In Odia, the Bhagavad Gita is known as “ଭଗବଦ୍ ଗୀତା” (written in ଓଡ଼ିଆ script). The word for verse/shloka in Odia is “ଶ୍ଳୋକ” and the word for chapter is “ଅଧ୍ୟାୟ”. The Gita contains 700 such ଶ୍ଳୋକs spread across 18 ଅଧ୍ୟାୟs (adhyays), comprising one of the most sacred texts in Odisha.